भरोसा बहुत बङी पूँजी है यूँ ही नहीं बाँटी जाती यह खुद पर


भरोसा बहुत बङी पूँजी है यूँ ही नहीं बाँटी जाती यह खुद पर
रखो तो ताकत और दूसरे पे रखो तो कमजोरी बन जाता हे

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